Monday, November 21, 2016

आने जकाँ

आने जकाँ

हलसल-फूलसल पत्नी बजली-
“आइ धरि‍ अहाँ कहि‍यो मोनसँ नै चाहलौं। सभ दि‍न बि‍गड़ले रहै छी!”
पत्नीक बात सुनि‍ क्षुब्‍ध भऽ गेलौं जे एहेन बात किए कहलैन‍? निच्‍चाँ-ऊपर देख‍ पुछलयैन-
“अहाँ केते चाहै छी?”
कहलैन‍-
“जहि‍ना सभकेँ देखै छि‍ऐ।”
कहलयैन‍-  
“आने जकाँ हमहूँ भऽ जाइ तखन ने?”m

शब्‍द संख्‍या- 46

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