Friday, May 6, 2016
मँुह झौँसा
सोहागिन
दुनू गोटा अप्पन अप्पन आधा बर्फमलाइ खेने होएब कि, सा "जँ हम अहाँक सामने मरि गेलौं तँ हमर सारापर चबूतरा बना देब ।"
मेघ धरि उँच उँच पहाड़, चारू कात प्राकृतिक सौंदर्य, मखमल सन घास, स्वर्गसन वातावरण, बर्फमलाइ केर आनन्दक बिच अचानक एहेन गप्प सुनि, बर्फमलाइ हमर मुँहसँ छूटि हाथमे ठिठैक गेल । कनिक काल सा केर मुँह पढ़ैक असफल प्रयास केलाक बाद; "अवस्य एकटा सुन्दर चबूतरा । जँ हम पहिने मरि गेलौं तँ एतेक व्यवस्था ज़रूर कय जाएब जे एकटा नीक चबू.... "
बिच्चेमे सा हमर मुँहकेँ अप्पन हाथसँ दाबैत, "नीक नहि साधारणे चबूतरा मुदा अहाँक हाथे आ ओहिपर लिखल हुए "सोहागिन सा ।"
@ जगदानन्द झा 'मनु'
अगिला जनम
@जगदानन्द झा 'मनु'
Tuesday, December 22, 2015
व्यंग्य कथा
Tuesday, December 8, 2015
बिहनि कथा
Friday, July 31, 2015
Umesh Mandal_सगर राति दीप जरय :: १९ सितम्बर २०१५._Nirmali
Sunday, July 5, 2015
देह
लगभग एक वर्ष बाद लघुकथा लिखबाक प्रयास केलहु ।ई लिखबाक हिस्सक छुटि गेल छल ।केहन बनलै से जरूर बताएब ।
लघुकथा - 186
देह
लालबाबूकेँ देख कऽ आबि रहल छी ।बुझू तऽ अंतिमे दर्शन छल ।आब बचबाक कोनो चान्स नै छै ।बड पैघ हैमरेज भेल छै ।एकटा आँखि बाहर भऽ गेल छै ।देखिते मोन हौरऽ लागल तेँ हाॅस्पिटलसँ चलि एलियै ।आबिते कनियाँ गहूँम पिसेबाक लेल कहि देलनि ।हमर मोन कोनादन कऽ रहल छल ।देहमे शक्ति नै बुझना जाइत छल ।हम दबले अबाजमे कहलियनि, " हे यै, आइ हमरासँ गहूँमक बोरा नै उठाएल हएत ।आइ छोड़ू ।साँझमे भाते बना लेब ।"
ई सुनिते कनियाँ तामसे चिकरऽ लागली ," बुझल अछि ने जे हमरा सोहारिये नीक लगैत छै ।एते टा चकत्ता सन देह पोसने छी तखनो बोरा नै उठत !"
बुझू तऽ ई सुनिते हमर रोआँ भुलकि गेल ।लालबाबूक कल्हुका बलिष्ठ देह आ अझुका मरनासन्न देह देख अपन कनियाँक अज्ञानतापर आश्चर्य भऽ रहल छल ।आखिर देह कते दिन एक समान रूपसँ संग दै छै ?
अमित मिश्र
Monday, September 1, 2014
गंगाजलक धोल (लक्ष्मी दास)
छुतहरि (दुर्गानन्द मण्डल)
शेफाली, फुलपरासवाली आ हम ( डा. कीर्ति नाथ झा)
शेफाली, फुलपरासवाली आ हम
MBBS (Honors),MS
Professor of Ophthalmology
Mahatma Gandhi Medical College & Research Institute
Pillaiyarkuppam, Pondicherry- 607402 ( India)
Sunday, August 31, 2014
83अम सगर राति दीप जरय- सखुआ-भपटियाही
83अम सगर राति दीप जरय-
सखुआ-भपटियाही
मैथिली साहित्यक प्रसिद्ध
सर्वहारा मंच “सगर राति दीप जरय” केर ८३म कथा गोष्ठी फुलपरास
अनुमण्डलक सखुआ-भपटियाही गामक उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसरमे दिनांक ३०
अगस्तक (२०१४) साँझ छह बजेसँ शूरू भऽ ३१ अगस्तक भिनसर छह बजे धरि आकर्षक अध्यक्ष
मण्डल तथा संचालन समिति केर अन्तर्गत चलैत रहल। अध्यक्ष मण्डलमे डा. विमल
कुमार राय, डा. योगेन्द्र पाठक ‘वियागी’,
श्री जगदीश प्रसाद मण्डल, श्री कमलेश झा, तथा डा. शिवकुमार प्रसाद रहथि, तहिना
मंचक संचालन समितिमे श्री ओम प्रकाश झा, श्री राजदेव मण्डल आ श्री दुर्गानन्द
मण्डल छला।
जहिना जन सहयोगसँ ई गोष्ठी आयोजित
छल तहिना भपटियाही, सखुआ, छजना, नरहिया, निर्मली, औरहा, बेरयाही, सुरयाही,
रतनसारा, चतरापट्टी, नवटोली, कदमपुरा, पकड़िया, लक्ष्मिनियाँ, गम्हरिया, बेलही
इत्यादि गामक तथा टोलक साहित्य प्रेमीक उपस्थिति छल। नव-नव साहित्य
प्रेमी सोझाँ एला। पठित कथापर त्वरित समीक्षा/टिप्पणी दऽ केतेक गोटे अपन नव परिचए
बनौलनि, देलनि आ सोझा एला। जे सगर राति दीप जरय’क उदेस रहल अछि। उपस्थित साहित्यकार
सभ अह्लादित भेला। केते गोटे अपन विचार सेहो मंचेपर व्यक्त केलनि जे अहिना
गोष्ठी जँ गाम-घरमे हएत तँ नव-नव लोकक प्रवेश स्वत: साहित्य क्षेत्र होइत रहत,
जइसँ समाजक संग साहित्य डेग-मे-डेग मिला कऽ चलत आ चलैत रहत। जइसँ जनजागरण हएत आ
मैथिली साहित्यक मध्य एक खास अभावक पूर्ति सेहो हएत।
नारी केन्द्रित गोष्ठी
भेने नारी विमर्श करैत अनेक कथा आएल। कथा मध्य ढेर रास नारी-समस्यामस्या क त डकँ, केँ चिन्हित कएल गेल।
समीक्षक लोकनि अपन-अपन मत दैत भरि रातिक यात्राकेँ सफल बनौलनि। गामक किछु
नारीओ गोष्ठीमे एक श्रोता रूपमे उपस्थित छेली।
गोष्ठीक आरम्भ सामुहिक
रूपेँ विधिवत् दीप प्रज्वलित कऽ स्थानीय डा. विमल कुमार राय, श्री सूरज
नारायण राय ‘सुमन’, संग-संग कलकत्तासँ आएल डा. योगेन्द्र पाठक ‘वियाेगी’, भागलपुरसँ
आएल श्री ओम प्रकाश झा एवं बेरमासँ आएल श्री जगदीश प्रसाद मण्डलजी द्वारा करौल
गेल।
छह पालीमे कुल २७ गोट नूतन विहनि/लघु
कथाक पाठ भेल। समीक्षा भेल, दर्जन भरि पोथीक लोकार्पण भेल। जइमे दू गोट पोथी
क्रमश: “कारू खिरहरि” आ “संत कारू खिरहरि” अयोधी यादव ‘अमर’क। आ पाँच गोट लघु
कथाक पोथीक साॅफ्ट कौपी क्रमश: “अप्पन-बीरान”, “पतझाड़”, “बाल-गोपाल”, “रटनी खढ़”
तथा नारी केन्द्रित कथा संग्रह “लजबिजी” जगदीश प्रसाद मण्डलक तहिना दूटा पटकथा
पहिल “जाल” आ दोसर “पंचैती” राजदेव मण्डलक, एकटा कविता संग्रह “सूखल मन तरसल
आँखि” मुन्नी कामतक आ बेचन ठाकुरक एकटा नाटक “भोँट” लोकार्पित भेल। ८४म सगर राति
दीप जरयक आयोजन झंझारपुर अनुमण्डलक बेरमा गाममे शिवकुमार मिश्र जीक संयोजकत्वमे
२० दिसम्बर-२०१४केँ होएत। बेरमा गाममे ७१म कथा गोष्ठी दिनांक ०२.१०.२०१०केँ
मध्य विद्यालय परिसर-बुढ़िया गाछी-दुर्गा स्थान-मे भेल छल। एतेक दिनमे ई
दोसर खेप छी।
अन्तमे संयोजक नन्द विलास
राय स्थानीय साहित्य प्रेमी, जिनका सबहक विशेष सहयोग छल ऐ आयोजनमे, तइ सभ बेक्तीकेँ
धैनवाद ज्ञापन केलनि। संग-संग श्री गजेन्द्र ठाकुर दिससँ श्रुति प्रकाशनसँ
प्रकाशित मैथिलीक आधुनिक पोथी, सभ गोटेकेँ मंचेपर देल गेलनि। विशेष सहयोगी
सबहक नाओं ऐ तरहेँ अछि- डा. विमल कुमार राय, श्री धीरेन्द्र कुमार, श्री सूरज
नारायण राय, श्री अशोक कुमार राय, श्री सुन्दर लाल साह, मो. रिजवान, श्री सियाराम
साह, श्री शम्भू सिंह, श्री यादव, श्री उमाकान्त राय, श्री जगत नारायण राय, श्री
ब्रजनन्दन साह, श्री उमेश साह, श्री सुधीर साह, श्री रामकुमार मण्डल, श्री सत्य
नारायण सिंह आ श्री लक्ष्मी मण्डल।
ब्रेकिंग-
अध्यक्ष मण्डल- डा. विमल कुमार राय, डा.
योगेन्द्र पाठक ‘वियागी’, श्री जगदीश प्रसाद मण्डल, श्री कमलेश झा, डा. शिवकुमार
प्रसाद।
संचालन समिति-
श्री ओम प्रकाश झा, श्री
राजदेव मण्डल, श्री दुर्गानन्द मण्डल।
कथा पाठ एवं समीक्षा-
पहिल सत्रमे- जगदीश प्रसाद मण्डल- “गावीस
मोइस”; शारदानन्द सिंह- “की करब से अहीं कहू”; राजदेव मण्डल- “दोख केकर” तथा लक्ष्मी दास- “गंगाजलक धोल”
समीक्षा- योगेन्द्र पाठक ‘िवयोगी’,
कमलेश झा, विमल कुमार राय, शिवकुमार प्रसाद, गौड़ी शंकर साह।
दोसर सत्रमे- दुर्गानन्द मण्डल- “छुतहरि”;
कपिलेश्वर राउत- “बड़का खीरा”, योगेन्द्र पाठक वियागी- “विजय दृश्य-१, विजय
दृश्य दू-२”; ललन कुमार कामत- “बेटी”
समीक्षा- फागुलाल साहु, राजदेव मण्डल,
अयोधी यादव ‘अमर’, कमलेश झा आ शिवकुमार प्रसाद।
तेसर सत्र- ओम प्रकाश झा- बेटीक बियाह,
शिव कुमार प्रसाद- “झमकी”; राम िवलास साहु- “अविसबास”; हेम नारायण साहु- “बेसी
भ’ गेल आब नै”
समीक्षा- उमेश मण्डल, शम्भु सौरभ,
दुर्गानन्द मण्डल।
चारिम सत्र- उमेश मण्डल- “कोटाक चाउर”;
फागुलाल साहु- “मर्दानी नारी”; शम्भु सौरभ- “लाजो”; शिव कुमार मिश्र- “बाल विधवा”
समीक्षा- कमलेश झा, ओम प्रकाश झा,
राजदेव मण्डल, उमेश नारायण कर्ण तथा दुर्गानन्द मण्डल।
पाँचिम सत्र- ओम प्रकाश झा- “कुलच्छनी”;
गौड़ी शंकर साह- “छोटकी”; उमेश नारायण कर्ण- “यूज एण्ड थ्रो”; अच्छेलाल शास्त्री-
“गुलटेनमा”; नन्द विलास राय- “दिव्या”
समीक्षा- कमलेश झा, दुर्गानन्द मण्डल,
राम कुमार मण्डल, फागुलाल साहु, राजदेव मण्डल।
छअम सत्र- राम विलास साहु- “बौआ बाजल”;
फागुलाल साहु- “चतुर बालक”; जगदीश प्रसाद मण्डल- “रेहना चाची”; शारदा नन्द सिंह-
“फक द’ निसाँस छूटल”; डाॅ. कीर्ति नाथ झा- (वाचक- उमेश मण्डल) “शेफाली,
फुलपरासवाली आ हम”
समीक्षा- अयोधी यादव, ओम प्रकाश झा,
शम्भू सौरभ, ललन कुमार कामत, शिव कुमार मिश्र।
पोथी लोकार्पणकर्ता
डा. योगेन्द्र पाठक ‘वियोगी’/श्री कमलेश झा/श्री
रामकुमार मण्डल- “कारु खिरहरि” अयोधी यादव ‘अमर’क
श्री जगदीश प्रसाद मण्डल/ श्री राजदेव मण्डल/ डा. विमल
कुमार राय/ डा. शिवकुमार प्रसाद/ श्री शम्भु सौरभ- “संत कारू खिरहरि” अयोधी
यादव ‘अमर’क
श्री फागुलाल साहु- “सूखल मन तरसल आँखि” (कविता
संग्रह)- मुन्नी कामतक
श्री शम्भु सौरभ- “कथा कुसुम” (विहनि/लघु कथा
संग्रह) दुर्गानन्द मण्डलक
श्री ब्रजनन्दन साह- “भोँट” (नाटक) बेचन ठाकुरक
श्री हेम नारायण साहु- “पंचैती” (पटकथा) राजदेव मण्डलक
श्री शिव कुमार मिश्र- “जाल” (पटकथा) राजदेव मण्डलक
श्री कमलेश झा- “अपन-बिरान” (लघु/विहनि कथा संग्रह)
जगदीश प्रसाद मण्डलक
श्री
उमेश नारायण कर्ण- “पतझाड़” (लघु/विहनि कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्डलक
श्री
फागुलाल साहु- “रटनी खढ़” (लघु/विहनि कथा संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्डलक
श्री राम कुमार मण्डल- “बाल-गोपाल” (लघु/विहनि कथा
संग्रह) जगदीश प्रसाद मण्डलक
श्री ओम प्रकाश झा- “लजबिजी” (लघु/विहनि कथा संग्रह)
जगदीश प्रसाद मण्डलक
-उमेश मण्डल
३१/०८/२०१४
Thursday, August 28, 2014
मिथिलाक गहना-जेबर
Sunday, August 24, 2014
विदेह भाषा सम्मान (समानान्तर साहित्य अकादेमी सम्मान) २०१४ मूल पुरस्कार- श्री नन्द विलास राय (सखारी पेटारी- लघु कथा संग्रह) २०१४ बाल पुरस्कार- श्री जगदीश प्रसाद मण्डल (नै धारैए- बाल उपन्यास) २०१४ युवा पुरस्कार - श्री आशीष अनचिन्हार (अनचिन्हार आखर- गजल संग्रह) २०१५ अनुवाद पुरस्कार - श्री शम्भु कुमार सिंह ( पाखलो- तुकाराम रामा शेटक कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद)
(समानान्तर साहित्य अकादेमी सम्मान)
२०१४ मूल पुरस्कार- श्री नन्द विलास राय (सखारी पेटारी- लघु कथा संग्रह)
२०१४ बाल पुरस्कार- श्री जगदीश प्रसाद मण्डल (नै धारैए- बाल उपन्यास)
२०१४ युवा पुरस्कार - श्री आशीष अनचिन्हार (अनचिन्हार आखर- गजल संग्रह)
२०१५ अनुवाद पुरस्कार - श्री शम्भु कुमार सिंह ( पाखलो- तुकाराम रामा शेटक कोंकणी उपन्यासक मैथिली अनुवाद)